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Astrology

Astrology is the term widely used for calculating the positions of the planets at a specific time. Using your exact birth time and location, an astrologer can erect a natal horoscope chart that no..

Numerology

Destiny Numerological Card compatibility, name number, personality number, birthday number, soul number, soul urge number, quiescent self…

Vastu

The meaning of Vastu is dwelling, which is the home for god and humans. Vastu Shastra is based on various energies that come from atmosphere like solar energy from sun..

Gems & Colors Therapy

Colors if chosen in line to Numerology principles, will not only help you bring down the stress level but can make your life colorful and joyful. Scientific..

Rudraksha

MahhaGuru – Gauravv Mittal suggests Rudraksha therapies, a way to align various chakras and cure the diseases and to lead a good healthy life.

Yantra & Mantra

Guided meditation and visualization, coupled with live spiritually-charged mantras– the therapeutic power of the mantras heals, enlightens and enlivens.

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हिंदी पंचांग के अश्विन मास का कृष्ण पक्ष पितरों की आत्मा की शांति के लिए समर्पित होता है। इस पक्ष को पितर पक्ष या पितृ पक्ष के नाम से जाना जाता है। पितर पक्ष में मृत पूर्वजों, पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध करने का विधान है। साथ ही ये समय कुण्डली में व्याप्त पितृ दोष को दूर करने के लिए भी सबसे उत्तम माना जाता है।

पितृ दोष से मुक्ति के उपाय:

1) पितृ पक्ष के प्रत्येक दिन हमें अपने पितरों के निमित्त जल, जौं और काले तिल समेत पुष्पों से तर्पण करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष दूर होता है।

2) श्राद्ध के दौरान हमें अपने पूर्वजों की पसंद का खाना उनकी मृत्यु की तिथि पर किसी ब्राह्मण को जरूर कराना चाहिए। ऐसा करने से पित्तरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

3) पितृ पक्ष में अपने पित्तरों के नाम से श्रीमद् भागवत कथा, गीता, गरूड़ पुराण, नारायण बली, त्रिपिंडी श्राद्ध या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से पितरों को शांति की प्राप्ति होती है तथा पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

4) पितर पक्ष में गया जाकर अपने पितरों का श्राद्ध या पिण्ड दान करने से पितृ शांत हो जाते हैं और पितृ दोष से मुक्ति भी मिलती है।

5) जिन लोगों को अपने पितरों की मृत्यु की तिथि अज्ञात हो, उन्हें सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ दोष से मु्क्ति मिलती है।

6) पितर पक्ष में पंच बली का विधान है, इस काल में गाय, कुत्ते, कौवे, देव और चींटी की सेवा करनी चाहिए तथा उन्हें भोग लगाना चाहिए।

7) मान्यता है कि पितर पक्ष में हमारे पितर कौवों के रूप में धरती पर आते हैं, इसलिए पितर पक्ष में श्राद्ध के दिन कौवों को भोजन जरूर करना चाहिए। कौवों की किया हुआ भोज हमारे पितरों तक पहुचंता है।

8) पितर पक्ष में पीपल या बरगद के पेड़ पर नियमित रूप से जल और काला तिल चढ़ाने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
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Narendra Giri suicide: Based on my sixth sense/ intuition power, I see it's a suicide and it's because of depression/allegations put on him; It's not a direct murder, but it's about provoking him to do suicide.

I humbly request UP govt to setup high level investigation.

May the departed soul attain moksha.
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Pitru Paksha:

पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों को याद कर उनकी आत्‍मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। देश की प्रमुख जगहों जैसे हरिद्वार, गया आदि जाकर पिंडदान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।

15 दिन आसपास रहते हैं पितृगण:

शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष में पितृ 15 दिन तक पृथ्वी पर रहने के बाद अपने लोक लौट जाते हैं। इस दौरान पितृ अपने परिजनों के आसपास रहते हैं। इसलिए इन दिनों कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे पितृ नाराज हों। पितृ पक्ष के दौरान शाकाहारी भोजन का ही सेवन करना चाहिए। अगर आप नॉन-वेज और शराब आदि का सेवन करते हैं, तो इनसे बचना चाहिए।

इन कार्यों से नाराज होते हैं पितृ:

श्राद्ध कर्म करने वाले सदस्य को इन दिनों बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए। श्राद्ध कर्म हमेशा दिन में करें। सूर्यास्‍त के बाद श्राद्ध करना अशुभ माना जाता है। इन दिनों में लौकी, खीरा, चना, जीरा और सरसों का साग नहीं खाना चाहिए। जानवरों या पक्षी को सताना या परेशान भी नहीं करना है।

पितृ को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम:

पितृ पक्ष में अगर कोई जानवर या पक्षी आपके घर आए, तो उसे भोजन जरूर कराना चाहिए। मान्‍यता है कि पूर्वज इन रूप में आपसे मिलने आते हैं। पितृ पक्ष में पत्तल पर भोजन करें और ब्राह्राणों को भी पत्तल में भोजन कराएं, तो यह फलदायी होता है।

नहीं करें ये शुभ काम:

पितृ पक्ष में कोई भी शुभ काम जैसे शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, घर के लिए महत्‍वपूर्ण चीजों की खरीददारी नहीं करें। नए कपड़े या किसी प्रकार की खरीददारी को भी अशुभ माना जाता है। इस दौरान बेहद सादा जीवन जीने और सात्विक भोजन करने के लिए भी कहा गया है।
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पितृपक्ष श्राद्ध:

हिंदू पंचांग के अनुसार, अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि यानी की आज से पितृपक्ष आरंभ होंगे। पितृ पक्ष अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि से कुल 16 दिनों तक मनाए जाते हैं। मान्यता है कि पितृ पक्ष में पितरों से संबंधित कार्य करने पर उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। हिंदू धर्म में पितृ गण देवतुल्य होते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष में पूर्वजों का तर्पण नहीं करने पर पितृ दोष लगता है। पितृ पक्ष में मृत्यु की तिथि के अनुसार श्राद्ध किया जाता है। अगर किसी मृत व्यक्ति की तिथि ज्ञात न हो तो ऐसी स्थिति में अमावस्या तिथि पर श्राद्ध किया जाता है। इस दिन सर्वपितृ श्राद्ध योग माना जाता है।

पितृ पक्ष की महत्वपूर्ण तिथियां:

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल पितृ पक्ष 20 सितंबर से शुरू होंगे, जो कि 6 अक्टूबर को समाप्त होंगे। इस साल 26 सितंबर को पितृ पक्ष की कोई तिथि नहीं है।

पितृ पक्ष 2021 की तिथियां:

पूर्णिमा श्राद्ध – 20 सितंबर
प्रतिपदा श्राद्ध – 21 सितंबर
द्वितीया श्राद्ध – 22 सितंबर
तृतीया श्राद्ध – 23 सितंबर
चतुर्थी श्राद्ध – 24 सितंबर
पंचमी श्राद्ध – 25 सितंबर
षष्ठी श्राद्ध – 27 सितंबर
सप्तमी श्राद्ध – 28 सितंबर
अष्टमी श्राद्ध- 29 सितंबर
नवमी श्राद्ध – 30 सितंबर
दशमी श्राद्ध – 1 अक्तूबर
एकादशी श्राद्ध – 2 अक्टूबर
द्वादशी श्राद्ध- 3 अक्टूबर
त्रयोदशी श्राद्ध – 4 अक्टूबर
चतुर्दशी श्राद्ध – 5 अक्टूबर
अमावस्या श्राद्ध – 6 अक्टूबर

इस दौरान पितरों को तर्पण और विशेष तिथि को श्राद्ध अवश्य करना चाहिए। माना जाता है कि इस पक्ष में पितृ यमलोक से धरती पर आते हैं और अपने परिवार के आस-पास विचरण करते हैं। श्राद्ध करने से पितरों की तृप्ति के लिए भोजन करवाया जाता है, जिससे उनको शांति मिलती है और आशीर्वाद भी देते हैं। पितरों को आशीर्वाद से घर में सुख-शांति के अलावा आर्थिक समृद्धि भी मजबूत होती है। ये भी माना जाता है कि पितृपक्ष में अगर पितरों का श्राद्ध न करें तो इससे वह नाराज हो जाते हैं।

श्राद्ध को हमेशा दोपहर के समय करना चाहिए, क्योंकि सुबह का समय देवी-देवताओं का होता है।
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आज अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व 19 सितंबर, 2021 को मनाया जाएगा। इस पावन दिन 10 दिनों तक चलने वाले गणेश महोत्सव का समापन भी होता है। भगवान गणेश प्रथम पूजनीय देव हैं और भगवान गणेश की असीम कृपा से सभी दुख- दर्द दूर हो जाते हैं। इस समय कुंभ, मकर, धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती और मिथुन, तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या की वजह से व्यक्ति का जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित व्यक्ति को विधि- विधान से भगवान गणेश की पूजा- अर्चना करनी चाहिए। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए अनंत चतुर्दशी के पावन दिन श्री गणेश चालीसा का पाठ करें और भगवान गणेश को भोग अवश्य लगाएं।

गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए तीन शुभ मुहूर्त हैं: सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक; दोपहर 1.30 बजे से 3 बजे तक एवं शाम को 6 बजे से सूर्यास्त से पहले तक। ध्यान रखें सूर्यास्त से पहले प्रतिमा का विसर्जन कर देना चाहिए, अगर सूर्यास्त तक प्रतिमा विसर्जित न हो सके तो अगले दिन विसर्जन करना चाहिए। विसर्जन से पहले गणेश जी का विधिवत पूजन जरूर करें।

अनंत चतुर्दशी पर सूत या रेशम के धागे को चौदह गांठे लगाकर लाल कुमकुम से रंग कर पूरे विधि विधान से पूजा कर अपनी कलाई पर बांधा जाता है। मान्यता है कि यह रक्षासूत्र का काम करता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीहरि अनंत चतुर्दशी का उपवास करने वाले भक्तों के दुख दूर करते हैं और उनके घरों को धन धान्य परिपूर्ण करते हैं।

इस विधि से करें अनंत चतुर्दशी का व्रत:

- इस दिन व्रती महिला (व्रत करने वाली महिला) को सुबह व्रत के लिए संकल्प लेना चाहिए व भगवान विष्णु की पूजा करना चाहिए। भगवान विष्णु के सामने 14 ग्रंथियुक्त अनन्त सूत्र (14 गांठ युक्त धागा) को रखकर भगवान विष्णु के साथ ही उसकी भी पूजा करनी चाहिए।
- पूजा में रोली, मोली, चंदन, फूल, अगरबत्ती, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग) आदि का प्रयोग करना चाहिए और प्रत्येक को समर्पित करते समय ऊँ अनन्ताय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।
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Venus (Sukra) Mahadasha in Vedic Astrology

Venus (sukra) is considered as a subha graha (benefic / auspicious planet) by nature. Venus rules the signs Taurus (Rishabam) and Libra (Thulam). It is exalted in Pisces(Meenam) sign and debilitated in Virgo (Kanni) Sign. Venus represents marraige, love, kamam,...

Pyramid power

Pyramid power is supernatural or paranormal properties of the ancient Egyptian pyramids and objects of similar shape. This power, is said to preserve foods, maintain the sharpness of razor blades, improve health function, trigger sexual urges and cause other dramatic...

Are you looking forward to become a BLUE EYED Boy/Girl in your boss eyes?

In today's corporate world; everyone wants to be the forerunner to achieve quick success by means of hard work; sometimes making his/her boss happy; wearing a plastic smile and showing him/herself always positive to score highest rating... Everything which is leading...

Impact of Sun, Venus and Moon..

The Sun The sun rules your conscience day. It represents your true self, who you strive to become and how you shine. The sun is the giver of life. Your sun shows your identity, your pride and your self-confidence. Without the sun we would live in the...

Sun (Surya) Mahadasha in Vedic Astrology

Sun rules the government sector and raja sambhantha karyas. Any thing related to the goverment requires the support of the planet Sun. Sun rules the sign Leo (Simham). It is exalted in Aries (Mesham) sign and debilitated in Libra(Thulam) Sign. Sun rules heart, blood,...

How to Reduce Fat Obesity?

How to Reduce Fat Obesity is a big cause of depression  and other serious issues for many people.   Apart from eating high calorie food, obesity is caused by: - genetic factors - liver not functioning well - hypothyroidism - eating too much junk food...

For parents: Those who are worried about their kids’ education

Almost every second parents are complaining that the child is not focusing on study; the child is intelligent but he/she can’t concentrate on studies; My College going kid is more into friends / Facebook / Whatsapp rather than worrying about studies......

How To Energise a Yantra To Get Blessed..

Here are few things you need to do after receiving Yantra: You should place the Yantra after bath in the morning in direction as stated in other post. Light incense/oil lamp, offer a flower and chant the deity mantra or mantra of Yantra a minimum of 1008...

Jupiter (Guru) Mahadasha in Vedic Astrology

Jupiter repesents wealth, gold, popularity. Besides Jupiter is called puthira karakan (children) and dhana karakan (wealth). Jupiter represents husband in a girl horoscope besides 7th house. Jupiter rules the signs Sagittarius (Dhanushu) and Pisces (Meenam). It is...

 

MahhaGuru Gauravv Mittal found Rashi- Jal in order to help the society to live a healthy & positive life. It has specific herbs & plants' extracts that benefit a particular zodiac.

 

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